गया। बिहार में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मैट्रिक का एडमिट कार्ड लेने निकलीं चार नाबालिग छात्राएं एक साथ लापता हो गईं। सुबह घर से स्कूल जाने के लिए निकलीं ये लड़कियां शाम ढलने तक वापस नहीं लौटीं। समय बीतने के साथ परिजनों की बेचैनी बढ़ती गई और पूरे इलाके में डर व अफवाहों का माहौल बन गया। मामला गया जी शहर के डेल्हा थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार, चारों छात्राएं एक ही मोहल्ले की रहने वाली हैं और आपस में गहरी दोस्त हैं। शुक्रवार की सुबह वे रोज़ की तरह घर से यह कहकर निकली थीं कि स्कूल से मैट्रिक परीक्षा का एडमिट कार्ड लेना है। परिजनों को पूरा भरोसा था कि वे कुछ ही घंटों में लौट आएंगी, लेकिन जब तय समय गुजर गया और छात्राओं के मोबाइल फोन भी बंद या खामोश मिले, तो अनहोनी की आशंका गहराने लगी।
परिजनों ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों, सहेलियों और आसपास के इलाकों में छात्राओं की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार थक-हारकर उन्होंने डेल्हा थाना पहुंचकर चारों छात्राओं की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। एक साथ चार नाबालिग छात्राओं के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गया जी के एसएसपी सुशील कुमार खुद सक्रिय हुए। उन्होंने इसे सामान्य गुमशुदगी का मामला मानने से इनकार करते हुए टाउन डीएसपी-2 के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया। SIT में कई थानों की पुलिस को शामिल किया गया है और अलग-अलग टीमों को विभिन्न एंगल से जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस छात्राओं के मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाल रही है। इसके साथ ही घर से स्कूल तक के रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख चौक-चौराहों के कैमरे भी जांच के दायरे में हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्राएं आखिरी बार कहां देखी गई थीं और उनके साथ कोई संदिग्ध व्यक्ति तो नहीं था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लापता छात्राओं में से एक का अपने परिवार के सदस्यों से संपर्क भी हुआ है, जिससे परिजनों और पुलिस को कुछ उम्मीद बंधी है। हालांकि इस बातचीत को लेकर पुलिस फिलहाल ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और जांच प्रभावित न हो, इसलिए कई तथ्यों को फिलहाल गोपनीय रखा जा रहा है।
उधर, छात्राओं के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां-बाप की निगाहें घर के दरवाजे पर टिकी हैं और हर आहट पर उम्मीद जाग जाती है कि शायद बेटियां लौट आई हों। मोहल्ले में सन्नाटा और बेचैनी का माहौल है। लोग तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं, जिससे डर और चिंता और गहरा गई है।
एसएसपी सुशील कुमार ने भरोसा दिलाया है कि पुलिस पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ मामले की जांच कर रही है और जल्द ही चारों छात्राओं को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और अगर किसी के पास कोई जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि मैट्रिक का एडमिट कार्ड लेने निकलीं ये चार नाबालिग छात्राएं अचानक कहां और कैसे गायब हो गईं। इसका जवाब अब SIT की गहन तफ्तीश और पुलिस की कार्रवाई पर टिका है।















