नई दिल्ली, 4 नवंबर 2025:
हिंदूजा ग्रुप के चेयरमैन और मशहूर उद्योगपति गोपीचंद परमानंद हिंदूजा का सोमवार को लंदन में निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर से भारत और वैश्विक उद्योग जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
गोपीचंद हिंदूजा, जिन्हें लोग प्यार से जी.पी. हिंदूजा के नाम से जानते थे, हिंदूजा ग्रुप के चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उन्होंने अपने बड़े भाई श्रीचंद हिंदूजा के साथ मिलकर ग्रुप को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया और भारतीय उद्योग जगत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई।
🔹 एक साधारण शुरुआत से वैश्विक साम्राज्य तक
हिंदूजा परिवार ने 1914 में कराची (अब पाकिस्तान) से कारोबार की शुरुआत की थी। गोपीचंद हिंदूजा ने 1959 में परिवार के बिजनेस में सक्रिय भूमिका निभाई और मध्य पूर्व से लेकर यूरोप और अमेरिका तक कारोबार का विस्तार किया।
आज हिंदूजा ग्रुप के पास ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, फाइनेंस, रियल एस्टेट, एनर्जी और हेल्थकेयर जैसे कई क्षेत्रों में कारोबार फैला है।
🔹 अशोक लेलैंड और इंडसइंड बैंक जैसे बड़े नाम
भारत में हिंदूजा ग्रुप की पहचान मुख्य रूप से अशोक लेलैंड और इंडसइंड बैंक से है। गोपीचंद हिंदूजा के नेतृत्व में अशोक लेलैंड ने कठिन समय से उबरकर भारत की शीर्ष व्यावसायिक वाहन निर्माता कंपनी के रूप में अपनी पहचान बनाई।
वहीं इंडसइंड बैंक आज देश के अग्रणी निजी बैंकों में से एक है।
🔹 ब्रिटेन के सबसे अमीर परिवारों में शामिल
गोपीचंद हिंदूजा और उनका परिवार कई वर्षों तक ब्रिटेन के सबसे अमीर परिवारों की सूची में शीर्ष पर रहा।
2024 की “Sunday Times Rich List” में हिंदूजा परिवार की कुल संपत्ति 36 अरब पाउंड (करीब 3.8 लाख करोड़ रुपये) आंकी गई थी।
🔹 उद्योग जगत में शोक की लहर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उद्योगपति रतन टाटा और आनंद महिंद्रा सहित कई दिग्गजों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
उद्योग जगत का मानना है कि गोपीचंद हिंदूजा का जाना भारतीय उद्यमशीलता की एक युगांतकारी शख्सियत का अंत है।
🔹 परिवार और विरासत
गोपीचंद हिंदूजा के निधन के बाद अब समूह की बागडोर परिवार की अगली पीढ़ी संभालेगी।
हिंदूजा परिवार ने एक बयान में कहा—
“हमने न केवल अपने परिवार के मुखिया को खोया है, बल्कि एक ऐसे दूरदर्शी को खोया है, जिन्होंने लाखों लोगों को रोजगार और प्रेरणा दी।”















