लखीसराय : जिले में किउल नदी पर हर साल स्थानीय लोगों द्वारा बनाए जाने वाला जुगाड़ पुल एक बार फिर तैयार हो गया है। सामुदायिक सहयोग और ग्रामीणों की पहल से इस वर्ष भी पुल का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इसके दोबारा बनने से चानन प्रखंड और लखीसराय मुख्यालय के बीच आवाजाही एक बार फिर सरल और सुचारू हो गई है।
स्थानीय लोगों ने मिलकर किया निर्माण पूरा
किउल नदी पर बना यह अस्थायी जुगाड़ पुल पूरी तरह स्थानीय लोगों के योगदान से तैयार होता है। ग्रामीणों ने लकड़ी, बांस, मिट्टी और अन्य स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए पुल का निर्माण किया।
हर साल की तरह इस वर्ष भी लोगों ने सामूहिक श्रमदान कर इसे समय पर तैयार कर लिया।
लोगों के लिए बड़ी राहत
पुल के टूट जाने या बह जाने की स्थिति में चानन प्रखंड और लखीसराय के बीच आवागमन को लेकर लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुल तैयार होने के बाद अब—
छात्रों को स्कूल-कोचिंग जाने में आसानी
किसानों को बाज़ार तक पहुँचने में सुविधा
बीमारों को अस्पताल लाने में राहत
ग्रामीणों की खरीदारी और दैनिक आवाजाही में सुगमता
—एक बार फिर बहाल हो गई है।
प्रशासनिक लापरवाही के बीच स्थानीय पहल सराहनीय
स्थायी पुल नहीं बनने के कारण ग्रामीण हर साल अपनी मेहनत और खर्च पर यह जुगाड़ पुल तैयार करते हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से कई बार स्थायी पुल की मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में लोगों की यह पहल उनकी सामुदायिक एकजुटता और मजबूरी दोनों दर्शाती है।
मॉनसून में रहता है जोखिम
यह जुगाड़ पुल मानसूनी सीजन में अक्सर जलस्तर बढ़ने पर बह जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, जिसके चलते वर्षा के दिनों में आवाजाही फिर प्रभावित होती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द किउल नदी पर स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि हर साल होने वाली परेशानियों से मुक्ति मिल सके।

















