जिले से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जहां चंद सेकेंड की सूझबूझ ने दर्जनों जिंदगियों को मौत के मुंह में जाने से बचा लिया। मोतीपुर बाजार स्थित रेलवे गुमटी पर सोमवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोगों की रूह कांप उठ रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब रेलवे गुमटी बंद थी, लेकिन इसके बावजूद कई बाइक सवार और पैदल यात्री लापरवाही बरतते हुए ट्रैक के बीच फंस गए। इसी दौरान मुजफ्फरपुर से गोरखपुर रेल मार्ग पर एक मालगाड़ी गुजर रही थी। हालात तब और भयावह हो गए जब दूसरी ओर से नरकटियागंज से मुजफ्फरपुर की ओर आ रही पैसेंजर ट्रेन भी उसी ट्रैक पर पहुंच गई।
दोनों ओर से आ रही ट्रेनों की आवाज सुनते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ट्रैक पर फंसे लोग इधर-उधर भागने लगे। कई बाइक सवार अपनी बाइक छोड़कर जान बचाने की कोशिश करने लगे। चंद सेकेंड की देरी इस घटना को एक बड़े हादसे में बदल सकती थी।
इसी बीच पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट ने हालात की गंभीरता को भांपते हुए बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। ड्राइवर ने ट्रैक पर फंसे लोगों को देखते ही ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन रुकते ही रेलवे कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से बीच में फंसे बाइक सवारों और पैदल यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
इसके बाद ही पैसेंजर ट्रेन को आगे बढ़ाया गया और वह सुरक्षित तरीके से स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक पहुंची। इस पूरी घटना का किसी ने मोबाइल से वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह एक छोटी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती थी और कैसे लोको पायलट की सूझबूझ ने कई घरों के चिराग बुझने से बचा लिए।
घटना के बाद रेलवे गुमटी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्सर गुमटी बंद होने के बावजूद लोग नियमों की अनदेखी करते हैं, जिससे ऐसे हादसों की आशंका बनी रहती है।
फिलहाल, लोको पायलट की सतर्कता और जिम्मेदारी ने मुजफ्फरपुर को एक बड़े रेल हादसे से बचा लिया, लेकिन यह घटना सभी के लिए एक कड़ा सबक भी है कि रेलवे ट्रैक पर की गई थोड़ी सी लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है।















