लंबे समय के इंतजार के बाद आखिरकार भारतीय जनता पार्टी को उसका नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है। हालांकि औपचारिक घोषणा मंगलवार सुबह 11 बजे की जाएगी, लेकिन यह तय हो चुका है कि नितिन नवीन भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। सोमवार को उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया था और वह इस पद के एकमात्र उम्मीदवार रहे, जिससे उनका निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है।
भाजपा के राष्ट्रीय रिटर्निंग अधिकारी के. लक्ष्मण ने जानकारी दी कि नितिन नवीन के समर्थन में कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। जांच के दौरान सभी नामांकन पत्र वैध पाए गए। नामांकन वापसी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद नितिन नवीन ही मैदान में बचे, जिसके बाद उनके निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया। उनके निर्वाचन की औपचारिक घोषणा मंगलवार को भाजपा मुख्यालय में की जाएगी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौजूद रहने की भी संभावना जताई जा रही है।
यह भाजपा के इतिहास में एक अहम संयोग माना जा रहा है कि पार्टी की स्थापना के 46वें वर्ष में उसकी कमान सबसे युवा नेता के हाथों में जाने जा रही है। 45 वर्षीय नितिन नवीन इससे पहले 14 दिसंबर को पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए थे। अब वह औपचारिक रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे।
नितिन नवीन के अध्यक्ष बनने के साथ ही नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, उनकी टीम में युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। अनुमान है कि संगठन में लगभग 70 प्रतिशत पदाधिकारी 55–60 वर्ष से कम आयु के होंगे, जबकि करीब 30 प्रतिशत पद वरिष्ठ नेताओं को दिए जा सकते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर महामंत्री, मंत्री, मोर्चा और विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्ष पदों पर नए और युवा चेहरे सामने आ सकते हैं।
भाजपा संगठन में कुल सात महामंत्री होते हैं, जिनमें संगठन महामंत्री की नियुक्ति आरएसएस द्वारा की जाती है। फिलहाल यह जिम्मेदारी बीएल संतोष के पास है। सूत्रों के अनुसार, विनोद तावड़े और सुनील बंसल को नई कार्यकारिणी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि अरुण सिंह, दुष्यंत गौतम, तरुण चुग और डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल जैसे कुछ मौजूदा महामंत्रियों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा पार्टी की शीर्ष निर्णयकारी इकाई संसदीय बोर्ड में भी नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है, हालांकि इसका गठन राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बाद होगा।
नितिन नवीन का राजनीतिक सफर भी काफी चर्चा में है। उन्होंने महज 26 वर्ष की उम्र में पहली बार विधायक बनकर राजनीति में कदम रखा था। वर्ष 2006 में उनके पिता और वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन किशोर सिन्हा के निधन के बाद उन्होंने पटना पश्चिम विधानसभा सीट से उपचुनाव जीता। इसके बाद वह बांकीपुर विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए। अब 45 वर्ष की उम्र में वह देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी की कमान संभालने जा रहे हैं।
नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की खबर से उनके पैतृक गांव अमावां (रजौली प्रखंड, नवादा) में जश्न का माहौल है। मंगलवार सुबह 11 बजे से गांव में भव्य समारोह की तैयारी की गई है। स्थानीय विधायक अनिल सिंह की देखरेख में सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। विधायक अनिल सिंह ने बताया कि इस मौके पर 251 किलो लड्डू बनवाए गए हैं, गुलाल की होली खेली जाएगी और पूरे गांव में उत्सव का माहौल रहेगा।
गौरतलब है कि नितिन नवीन ने अपने राजनीतिक जीवन में ‘गांव चलो’ अभियान की शुरुआत भी इसी गांव से की थी। स्थानीय लोग उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने को बिहार के लिए गर्व का क्षण मान रहे हैं। उनके नेतृत्व में भाजपा संगठन में पीढ़ीगत बदलाव और नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नितिन नवीन के नेतृत्व में भाजपा संगठन किस दिशा में आगे बढ़ता है और आने वाले चुनावों में उनकी रणनीति कैसी होगी।















