पटना।
बिहार की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। राजधानी पटना में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला आयुष डॉक्टर का हिजाब खींचे जाने के आरोप ने बड़ा सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। विपक्षी दलों ने इस घटना को शर्मनाक, असंवैधानिक और महिला सम्मान के खिलाफ बताते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल माफी की मांग की है।
कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), समाजवादी पार्टी और शिवसेना ने एक सुर में नीतीश कुमार की आलोचना करते हुए सवाल उठाया है कि क्या किसी मुख्यमंत्री को किसी महिला के पहनावे में हस्तक्षेप करने का अधिकार है?
‘यह महिला सम्मान का खुला अपमान’ — विपक्ष
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“नीतीश कुमार और उनकी सहयोगी बीजेपी को शर्म आनी चाहिए। कोई भी मानसिक रूप से संतुलित व्यक्ति किसी महिला का घूंघट या बुर्का हटाने का साहस नहीं कर सकता। यह सीधे-सीधे महिला गरिमा पर हमला है।”
कांग्रेस प्रवक्ता उदित राज ने और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि
“नीतीश कुमार मानसिक रूप से संतुलित नहीं दिखते। इससे पहले भी वे सार्वजनिक मंचों पर ऐसे व्यवहार कर चुके हैं। NDA के नेताओं का यही चरित्र है।”
राजद और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी इस घटना को संविधान, लोकतंत्र और महिला अधिकारों के खिलाफ बताया और कहा कि मुख्यमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति से इस तरह के आचरण की उम्मीद नहीं की जा सकती।
NDA का बचाव, जेडीयू ने किया पलटवार
विपक्ष के हमलों के बीच सत्तारूढ़ जेडीयू बचाव में उतर आई है। जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने विपक्षी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि
“घटना को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। मुख्यमंत्री का कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं था। विपक्ष मुद्दाविहीन होकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहा है।”
हालांकि जेडीयू की सफाई के बावजूद यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
महिला सम्मान और सत्ता की मर्यादा पर बहस
यह विवाद अब सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्ता में बैठे लोगों की भाषा, व्यवहार और संवेदनशीलता पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी इस पूरे मामले पर नजर है।
सियासी असर तय
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में और तेज़ होगा। विपक्ष इसे महिला सम्मान और मुख्यमंत्री की संवैधानिक मर्यादा से जोड़कर बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि
क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस पूरे विवाद पर कोई सार्वजनिक सफाई या माफी देंगे,
या फिर यह मामला बिहार की राजनीति में एक और बड़े टकराव की वजह बनेगा।
पटना से राहुल कुमार की रिपोर्ट

















