नई दिल्ली/मालदा।
रेल कनेक्टिविटी के मोर्चे पर केंद्र की मोदी सरकार एक बार फिर बड़ा विकासात्मक और सियासी दांव खेलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 और 18 जनवरी 2026 को पश्चिम बंगाल और असम के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे गुवाहाटी (कामाख्या)–हावड़ा के बीच देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसे भारतीय रेल के इतिहास में एक नया अध्याय माना जा रहा है, साथ ही इसे पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत को साधने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री 17 जनवरी को दोपहर करीब 12:45 बजे मालदा पहुंचेंगे। मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से हावड़ा–गुवाहाटी (कामाख्या) वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। यह अत्याधुनिक, पूरी तरह वातानुकूलित ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को तेज, सुरक्षित और आरामदेह बनाएगी। रेल अधिकारियों के मुताबिक, इस ट्रेन के शुरू होने से यात्रा समय में करीब ढाई घंटे की कटौती होगी, जिससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार और सामान्य यात्रियों—तीनों को बड़ा फायदा मिलेगा।
3250 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन
ट्रेन के शुभारंभ के बाद प्रधानमंत्री मालदा में जनसभा को संबोधित करेंगे। इस मंच से वे 3,250 करोड़ रुपये से अधिक की रेल और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। संदेश साफ है—विकास के सहारे जनविश्वास और सियासी बढ़त। इन परियोजनाओं का लक्ष्य पश्चिम बंगाल के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों को देश की मुख्यधारा की कनेक्टिविटी से मजबूती से जोड़ना है।
प्रधानमंत्री जिन प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे या जिन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे, उनमें—
- बालुरघाट–हिली नई रेल लाइन
- न्यू जलपाईगुड़ी में आधुनिक माल ढुलाई रखरखाव सुविधा
- सिलीगुड़ी लोको शेड का उन्नयन
- जलपाईगुड़ी जिले में वंदे भारत ट्रेन का रखरखाव केंद्र
शामिल हैं। इसके अलावा, न्यू कुचबिहार–बामनहाट और न्यू कुचबिहार–बक्सिरहाट रेलखंड के विद्युतीकरण कार्य को भी राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा।
चार अमृत भारत एक्सप्रेस को भी हरी झंडी
प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान वर्चुअली चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इन ट्रेनों के जरिए उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक रेल नेटवर्क को और मजबूत करने की योजना है।
18 जनवरी को असम और सिंगूर पर फोकस
प्रधानमंत्री का दौरा 18 जनवरी को असम में जारी रहेगा। इस दिन वे गुवाहाटी–रोहतक और डिब्रूगढ़–लखनऊ अमृत भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के सिंगूर में 830 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का ऐलान भी किया जाएगा, जिससे राज्य में बुनियादी ढांचे को नई गति मिलने की उम्मीद है।
विकास के ट्रैक पर सियासत की रफ्तार
कुल मिलाकर, रेल की पटरियों पर दौड़ती ये योजनाएं सिर्फ ट्रेनों की रफ्तार नहीं बढ़ा रहीं, बल्कि मोदी सरकार की विकास-केंद्रित राजनीति को भी मजबूती दे रही हैं। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और अमृत भारत एक्सप्रेस के जरिए सरकार पूर्व, उत्तर-पूर्व और हिंदी पट्टी को जोड़कर कनेक्टिविटी के साथ-साथ सियासी संतुलन साधने की कोशिश में जुटी है। आने वाले दिनों में इन परियोजनाओं का असर सिर्फ सफर पर नहीं, बल्कि राजनीतिक समीकरणों पर भी साफ दिखने की उम्मीद है।















