बिहार के सीतामढ़ी में पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने जिले के सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि छेड़खानी के स्पॉट चिन्हित किए जाएँ ताकि वहां पुलिस की तैनाती कर मनचलों को सबक सिखाया जा सके।
उन्होंने कहा कि आमतौर पर स्कूल-कॉलेज, धार्मिक स्थल, पार्क, रेलवे स्टेशन और बाजार छेड़खानी के प्रमुख स्पॉट माने जाते हैं, लेकिन इसके अलावा भी नए स्थलों को चिन्हित किया जा रहा है ताकि किशोरी और युवतियों को सुरक्षित रखा जा सके।
महिला थानाध्यक्ष श्वेता स्वराज को इस अभियान में सक्रिय जिम्मेदारी दी गई है। बताया गया है कि पुलिस प्रशासन इन चिन्हित स्थलों पर गश्ती बढ़ाएगी और कुछ महत्वपूर्ण स्थलों पर पुलिस टीम की स्थायी तैनाती भी कर सकती है। वहीं, कुछ स्थानों पर सादी वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे ताकि मनचलों पर लगाम कसी जा सके।
अपर थानाध्यक्ष रचयिता कुमारी की जागरूकता अभियान में भागीदारी
महिला थाने में तैनात अपर थानाध्यक्ष रचयिता कुमारी जिले के सभी स्कूल-कॉलेज और कोचिंग सेंटर में जाकर छात्राओं को जागरूक कर रही हैं। वह छात्राओं को यह भरोसा दिला रही हैं कि अगर कोई मनचला छेड़खानी करता है, तो उस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय के आदेश जारी होते ही एसपी अमित रंजन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जैसे ही किसी छेड़खानी का स्पॉट चिन्हित होगा, वहां संबंधित थाना, पोस्ट और महिला थाने से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शिकायत और त्वरित कार्रवाई
महिलाएं, युवतियां और किशोरी किसी भी स्तर पर छेड़खानी की तुरंत शिकायत पास के थाना या हेल्पलाइन पर कर सकती हैं। शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
हर थाने में एक टीम गठित की जाएगी, जिसमें एक महिला दरोगा प्रमुख होंगी, उनके साथ एक महिला और दो पुरुष सिपाही की टीम होगी। महिला पुलिस स्कूटी से चिन्हित स्पॉट के आसपास गश्ती करेंगी।
लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन
एसपी अमित रंजन ने स्पष्ट किया कि छेड़खानी से जुड़े मामलों में यदि थाना स्तर पर लापरवाही होती है, तो संबंधित थानाध्यक्ष और एसडीपीओ पर भी जिम्मेदारी तय होगी। दोषी पाए जाने वाले पदाधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यदि कोई मनचला दो या दो से अधिक बार छेड़खानी के आरोप में पकड़ा जाता है, तो उसका नाम गुंडा पंजी (ईव-टीजर) में दर्ज किया जाएगा।
नाबालिग आरोपित की काउंसलिंग कराई जाएगी। यदि वही नाबालिग बार-बार पकड़ा जाता है, तो उस पर सनहा दर्ज कर सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट तैयार की जाएगी और आरोपित को किशोर न्याय बोर्ड के पास सिपुर्द किया जाएगा।
उद्देश्य और उम्मीद
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किशोरियों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना, छेड़खानी के मामलों को तेजी से सुलझाना और जिले में अपराध पर कड़ी नजर रखना है। एसपी अमित रंजन ने कहा कि पुलिस हर स्तर पर सक्रिय रहेगी और किसी भी मामले में सौ प्रतिशत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।















