सुपौल, बिहार |
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पर तीखा हमला बोला है। सुपौल में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा —
“ये खुदभूसे विश्लेषक” यह दावा कर रहे हैं कि उन्हें पता है बिहार में क्या होने वाला है। लेकिन किसी ने ये भविष्यवाणी नहीं की थी कि बिहार देश के राजनीतिक इतिहास में सबसे ज़्यादा मतदान वाला राज्य बन जाएगा। यह जनता के मन में चल रहे गहरे बदलाव का संकेत है।”
उन्होंने कहा कि इस बार बिहार की जनता चुप नहीं बैठी है, बल्कि उन्होंने रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग के ज़रिए यह दिखा दिया है कि लोग पुरानी राजनीति से थक चुके हैं और परिवर्तन की दिशा में सोच रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा —
“प्रधानमंत्री अब डर दिखाकर वोट मांग रहे हैं। वे कह रहे हैं कि अगर आरजेडी की सरकार आई तो जंगलराज लौट आएगा। लेकिन सवाल यह है कि पिछले 20 सालों से बिहार की हालत किसने सुधारी? अगर आप कहते हैं कि जंगलराज नहीं लौटना चाहिए, तो फिर आप (एनडीए) क्यों लौटें?”
उन्होंने आगे कहा कि बिहार की राजनीति में जन सुराज एक नया और ईमानदार विकल्प बनकर उभर रहा है।
“जन सुराज किसी परिवार या पार्टी के लिए नहीं, बल्कि बिहार के लोगों के लिए है। अब जनता यह तय करेगी कि उनके बच्चों को रोज़गार कौन देगा, शिक्षा और स्वास्थ्य कौन सुधारेगा। जो सिर्फ डर और नफरत फैलाकर वोट लेना चाहता है, उसका समय अब खत्म हो गया है।”
प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि अब बिहार में जनता जात-पात से ऊपर उठकर विकास, रोज़गार और शिक्षा के मुद्दों पर वोट करेगी। उन्होंने कहा कि जन सुराज आंदोलन का मकसद बिहार को फिर से आगे बढ़ाना है — एक ऐसा बिहार जहां युवाओं को पलायन न करना पड़े और किसानों को उनका हक़ मिले।
सभा के दौरान प्रशांत किशोर ने लोगों से अपील की कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग सोच-समझकर करें और उन लोगों को चुनें जो वादे नहीं, काम करें। उन्होंने कहा —
“यह चुनाव सिर्फ सरकार बदलने का नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति की सोच बदलने का मौका है। जो लोग यह सोच रहे हैं कि सब पहले जैसा ही रहेगा, उन्हें आने वाले नतीजे झकझोर देंगे।”


















