राजगीर (बिहार)।
बिहार में स्थित राजगीर भारतीय ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सुरक्षा व्यवस्था में हड़कंप मच गया है। फैक्ट्री प्रबंधन को एक ई-मेल के जरिए धमकी दी गई है, जिसमें फैक्ट्री और ऑफिस कैंपस में सात बम लगाए जाने और विस्फोट की चेतावनी दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह धमकी भरा ई-मेल तमिलनाडु से भेजा गया है। मेल में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, तमिलनाडु की डीएमके पार्टी, और चेन्नई के एक धार्मिक स्थल से जुड़े विवादों का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही कई गैरकानूनी संगठनों के नाम भी लिखे गए हैं, जिसे जांच एजेंसियां एक विशेष समुदाय के बीच तनाव फैलाने की कोशिश के रूप में देख रही हैं।
धमकी मिलते ही केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। फैक्ट्री परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मौके पर पुलिस बल, बम स्क्वॉड और सुरक्षा एजेंसियों की टीमों ने जांच और तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
राजगीर के डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले को साइबर सेल, इंटेलिजेंस ब्यूरो और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा किया गया है। उन्होंने कहा कि ई-मेल की तकनीकी जांच की जा रही है और हर पहलू से मामले की गंभीरता को ध्यान में रखकर जांच चल रही है। प्रारंभिक जांच में इसे दहशत फैलाने और साम्प्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि राजगीर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री भारतीय सेना के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण रक्षा उत्पादन इकाई है। इसकी स्थापना वर्ष 1999 में हुई थी और यह देश की एकमात्र फैक्ट्री है जो बीएमसीएस (Bi-Modular Charge System) जैसे अत्याधुनिक गोला-बारूद का निर्माण करती है। यहां बने उत्पाद न सिर्फ भारतीय सेना, बल्कि यूरोप और अमेरिका तक निर्यात किए जाते हैं।
फैक्ट्री के सामरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा महत्व को देखते हुए इस धमकी को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने चौकसी बढ़ा दी है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमकी देने वाला व्यक्ति या समूह कौन है और इसके पीछे की मंशा क्या है।
पटना से राहुल कुमार की रिपोर्ट















