तमिलनाडु की सियासत में चुनावी सरगर्मी के बीच मुख्यमंत्री M. K. Stalin ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अगर Narendra Modi के नेतृत्व वाली NDA सरकार में हिम्मत है, तो वह तमिलनाडु में तीन-भाषा नीति लागू करके दिखाए।
एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए DMK प्रमुख स्टालिन ने केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम जनता रसोई गैस (LPG) की कमी से जूझ रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “मोदी जी, LPG कहाँ है?” और पूछा कि क्या प्रधानमंत्री के पास इसका कोई जवाब है।
स्टालिन ने इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan, प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री Amit Shah को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि NDA के नेता तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान साफ करें कि क्या वे राज्य में तीन-भाषा नीति लागू करने की घोषणा करेंगे।
AIADMK पर भी हमला
स्टालिन ने AIADMK और उसके नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के 10 साल के शासन में तमिलनाडु हर क्षेत्र में पिछड़ गया। उन्होंने AIADMK प्रमुख Edappadi K. Palaniswami से सवाल किया कि क्या उनमें इन मुद्दों पर केंद्र के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत है।
“डबल इंजन” मॉडल पर तंज
मुख्यमंत्री ने NDA के “डबल इंजन” मॉडल को “फेल इंजन” बताते हुए कहा कि तमिलनाडु में इसे कोई जगह नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने नोटबंदी और कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन संकट का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।
महंगाई और LPG संकट का मुद्दा
स्टालिन ने पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि LPG की कमी के कारण कई छोटे रेस्टोरेंट बंद हो गए हैं, जिससे लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है।
तीन-भाषा नीति पर सख्त रुख
तीन-भाषा नीति को लेकर स्टालिन ने कहा कि हिंदी थोपने का शिक्षा की गुणवत्ता से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य द्वारा हिंदी थोपने का विरोध करने के कारण केंद्र सरकार शिक्षा से जुड़े फंड रोक रही है।
उन्होंने दोहराया कि जब भी केंद्र के नेता तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के लिए आएं, तो उन्हें स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि क्या वे राज्य में तीन-भाषा नीति लागू करेंगे या नहीं।


















