बिहार की सियासत में इन दिनों इल्ज़ाम और इशारों का दौर तेज़ है। सांसद पप्पू यादव को जान से मारने की धमकी और बेल मिलने के बाद बयानबाज़ी और तीखी हो गई है। इसी बीच जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने भी अपनी सुरक्षा को लेकर बड़ा खुलासा किया।
तेज प्रताप ने कहा, “साजिश तो सियासत का पुराना हथियार है। हमारे खिलाफ भी मरवाने और हत्या कराने की साजिशें रची जाती हैं। नेताओं के पीछे लोग हाथ धोकर पड़ जाते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि पप्पू यादव को बेल मिलना अच्छी बात है, लेकिन अब उन्हें जेल से बाहर आकर अपनी जिम्मेदारियों पर फोकस करना चाहिए और जनता से सीधा जुड़ाव मजबूत करना चाहिए।
अमिताभ दास की गिरफ्तारी पर दो टूक
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप ने कहा कि वे बेमतलब और बेबुनियाद बयान देते रहे हैं।
उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “मुझ पर भी झूठे और गुमराह करने वाले कमेंट्स किए गए थे, जिनका कोई आधार नहीं था।”

राबड़ी देवी और सम्राट चौधरी पर संतुलित रुख
राजद नेता राबड़ी देवी द्वारा डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग पर तेज प्रताप ने संतुलित बयान दिया।
उन्होंने माना कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है और कुछ अहम कामों में देरी हुई है। हालांकि उन्होंने सम्राट चौधरी को युवा और ऊर्जावान बताते हुए कहा कि बेहतर हालात के लिए प्रयास और तेज़ होने चाहिए।

सियासत में ‘साजिश’ बना नया नैरेटिव
तेज प्रताप के बयान ने साफ कर दिया कि बिहार की राजनीति में ‘साजिश’ अब महज एक शब्द नहीं, बल्कि सियासी हथियार बन चुका है। हर बयान के पीछे एक नया मोड़ और हर मोड़ पर नई कहानी सामने आ रही है।















