हाजीपुर रेलवे जंक्शन के ठीक पीछे स्थित रेलवे कंस्ट्रक्शन विभाग के कार्यालय में सोमवार दोपहर बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यह छापेमारी देर रात तक करीब 12 घंटे चली, जिसमें रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और संवेदकों (ठेकेदारों) के बीच कथित भ्रष्टाचार की परतें खंगाली गईं।
एक करोड़ रुपये नकद बरामद, नोट गिनने की मशीन मंगवानी पड़ी
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी का सबसे बड़ा पहलू कार्यालय से भारी मात्रा में नकदी की बरामदगी रही। CBI को मौके से लगभग एक करोड़ रुपये नकद मिले। नकदी की इतनी बड़ी मात्रा होने के कारण टीम को तुरंत नोट गिनने की मशीन बुलानी पड़ी।
जांच के दौरान CBI अधिकारियों ने
विभिन्न चैंबर
कर्मचारियों के निजी बैग
गोदरेज (अलमारी)
और अन्य संवेदनशील स्थानों
की विस्तृत तलाशी ली।
चार रेलवे कर्मचारी और दो संवेदक के आदमी हिरासत में
छापेमारी के बाद CBI ने नकद राशि, कागजात और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। साथ ही रेलवे के चार कर्मचारी और दो संवेदकों के आदमियों को अपने साथ ले जाया गया।
हिरासत में लिए गये प्रमुख लोग:
डिप्टी चीफ इंजीनियर – आलोक कुमार
ऑफिस क्लर्क – आलोक कुमार दास
ऑफिस चपरासी – मनीक दास
और दो संवेदकों के कर्मचारी
ये गिरफ्तारियाँ इस बात का संकेत हैं कि मामला रेलवे निर्माण परियोजनाओं में रिश्वतखोरी, कमीशनखोरी और अवैध लेन-देन से जुड़ा हुआ है।
अनियमितताओं और शिकायतों के आधार पर कार्रवाई
CBI सूत्रों के मुताबिक यह रेड रेलवे कंस्ट्रक्शन कार्यों में भारी अनियमितताओं, अधिकारियों की मिलीभगत और रिश्वत लेने की शिकायतों के बाद की गई थी। देर रात तक चली इस व्यापक कार्रवाई ने विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया है।
अब CBI की टीम जब्त दस्तावेजों और नकदी के आधार पर आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके तथा पूरे रैकेट का खुलासा किया जा सके।
















