मुंगेर में अवैध हथियार कारोबार के खिलाफ पुलिस और एसटीएफ ने गुरुवार को बड़ी कामयाबी हासिल की है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गंगा पार तारापुर दियारा इलाके में छापेमारी कर पुलिस ने एक मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में तीन कारीगरों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से भारी मात्रा में निर्मित और अर्धनिर्मित हथियार के साथ हथियार बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस सुनियोजित कार्रवाई में पुलिस को दुर्गम दियारा इलाके तक पहुंचने के लिए करीब तीन घंटे पैदल चलना पड़ा। मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सूचना मिली थी कि गंगा पार तारापुर दियारा में कुछ लोग मिलकर अवैध हथियार का निर्माण कर रहे हैं और वहां बाकायदा मिनी गन फैक्ट्री संचालित की जा रही है। इसी के बाद विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया, जिसमें मुफस्सिल थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह, सशस्त्र बल और बिहार एसटीएफ की टीम शामिल थी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने छबीला सिंह, सौरभ कुमार और सिंटू कुमार को गिरफ्तार किया। मौके से 7 बेस मशीन, 2 पिस्टल, 1 अर्धनिर्मित देशी पिस्टल, 4 जिंदा कारतूस, 2 ड्रिल मशीन, 2 मैगजीन और 3 अर्धनिर्मित मैगजीन समेत हथियार निर्माण में प्रयुक्त कई उपक्रम बरामद किए गए।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार तीनों आरोपी पेशेवर कारीगर हैं। इनमें सौरभ कुमार मई 2025 में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मिनी गन फैक्ट्री मामले में जेल जा चुका है, जबकि सिंटू कुमार अगस्त 2023 में बरियारपुर थाना क्षेत्र के इसी तरह के मामले में जेल भेजा गया था। जेल से बाहर आते ही इन लोगों ने फिर से दियारा इलाके को अपना ठिकाना बनाकर अवैध हथियार निर्माण का धंधा शुरू कर दिया।
एसपी सैयद इमरान मसूद ने कहा कि इस नेटवर्क से जुड़े और भी कई लोगों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। उन्होंने इस सफल ऑपरेशन में शामिल पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा भी की।
इस कार्रवाई के बाद से अवैध हथियार कारोबार से जुड़े गिरोहों में हड़कंप मच गया है। मुंगेर पुलिस और एसटीएफ की इस संयुक्त कार्रवाई को अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
















