भारत समेत कई देशों में चर्चा के बीच अब रूस में भी WhatsApp को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार रूसी सरकार जल्द ही WhatsApp की सेवाओं को पूरी तरह ब्लॉक कर सकती है।
हाल ही में WhatsApp ने दावा किया है कि रूसी अधिकारियों ने देश में उसकी सेवाओं को पूरी तरह रोकने की कोशिश की है। इसे रूस की नई डिजिटल नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत स्थानीय मैसेजिंग ऐप MAX को बढ़ावा देने की रणनीति अपनाई जा रही है।
100 मिलियन से ज्यादा यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं
रूस में करीब 100 मिलियन (10 करोड़) से अधिक लोग रोजाना WhatsApp का उपयोग करते हैं। ऐसे में यदि ऐप पर पूरी तरह पाबंदी लगती है तो बड़ी संख्या में यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं।
WhatsApp ने इस संभावित कदम की आलोचना करते हुए कहा है कि वह अपने यूजर्स को जुड़े रखने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
विदेशी टेक कंपनियों पर बढ़ता नियंत्रण
रूसी सरकार पिछले कुछ वर्षों से विदेशी टेक कंपनियों पर नियंत्रण बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है। इससे पहले Facebook और Instagram को रूस में बैन किया जा चुका है। वहीं YouTube की सेवाओं को धीमा करने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
रूस के मीडिया नियामक Roskomnadzor ने WhatsApp को इंटरनेट की “ऑनलाइन डायरेक्टरी” से हटा दिया है। इसके बाद कई यूजर्स को ऐप तक पहुंचने में दिक्कतों की खबरें सामने आई हैं। हालांकि अभी WhatsApp पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन कुछ इलाकों में सेवाएं बाधित बताई जा रही हैं।
यूजर्स को क्या करना होगा?
यदि WhatsApp पूरी तरह ब्लॉक कर दिया जाता है तो लोगों को अन्य मैसेजिंग ऐप्स का सहारा लेना पड़ सकता है। दोस्तों और परिवार से बातचीत, ग्रुप चैट, फोटो-वीडियो शेयरिंग और बिजनेस कम्युनिकेशन जैसे काम फिलहाल WhatsApp के जरिए ही बड़े पैमाने पर होते हैं।
सरकार की शर्तें क्या हैं?
रूस का कहना है कि WhatsApp को देश में काम जारी रखने के लिए स्थानीय कानूनों का पालन करना होगा और सरकारी नियमों के तहत अधिकारियों के साथ समन्वय करना होगा। यदि Meta इन शर्तों को नहीं मानता है, तो ऐप की वापसी मुश्किल हो सकती है।
गौरतलब है कि यह कदम अचानक नहीं है। इससे पहले रूस WhatsApp और Telegram पर कॉल सेवाओं को लेकर भी पाबंदियां लगा चुका है। वर्ष 2025 में डेटा-शेयरिंग को लेकर नियामक एजेंसियों ने चेतावनी भी जारी की थी।
ताजा घटनाक्रम से संकेत मिल रहे हैं कि विदेशी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर नियंत्रण को लेकर रूस और सख्त रुख अपना सकता है।
















