• Home
  • Country
  • अयोध्या में पुनः इतिहास रचा जा रहा है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे श्रीराम मंदिर के मुख्य शिखर पर धर्मध्वजा आरोहण
Image

अयोध्या में पुनः इतिहास रचा जा रहा है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे श्रीराम मंदिर के मुख्य शिखर पर धर्मध्वजा आरोहण

अयोध्या धाम आज एक बार फिर स्वर्णाक्षरों में अंकित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को श्रीराम मंदिर के मुख्य शिखर पर धर्मध्वजा–आरोहण के ऐतिहासिक अनुष्ठान में सम्मिलित होने के लिए अयोध्या पहुंचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका पारंपरिक स्वागत किया।

भव्य रोड शो—‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गुंजायमान हुई अयोध्या

एयरपोर्ट से निकलने के बाद प्रधानमंत्री ने लगभग एक किलोमीटर लंबे भव्य रोड–शो में हिस्सा लिया। हजारों की संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और ‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी नारों के साथ उनका अभिनंदन किया। पूरा मार्ग उत्साह, अध्यात्म और ऐतिहासिक क्षण के भाव से सराबोर हो गया।

सप्तमंदिर में वैदिक पूजा, दोपहर 11:58 से 12:30 बजे तक ध्वजारोहण का शुभ मुहूर्त

रोड–शो के बाद प्रधानमंत्री सीधे सप्तमंदिर परिसर पहुंचे और वैदिक परंपरा अनुसार पूजा–अर्चना की।
धर्मध्वजा–आरोहण का पवित्र मुहूर्त 11:58 से 12:30 बजे तक तय है।

श्रीराम मंदिर के 161 फ़ुट ऊँचे मुख्य शिखर पर आरोहित की जाने वाली धर्मध्वजा—

22 फ़ुट लंबी

11 फ़ुट चौड़ी

और रामराज्य के आदर्शों, मर्यादा–पुरुषोत्तम की परंपरा तथा सनातन धर्म की ऊर्जा का द्योतक मानी जाती है।

अनुष्ठान के बाद प्रधानमंत्री जनसभा को संबोधित करेंगे, जबकि सायंकाल पूर्णाहुति के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।

राममंदिर की दिव्य स्थापत्य शृंखला—देवलोक–सदृश दृश्य

राममंदिर की भव्यता स्वयं में एक ऐतिहासिक गाथा है। इसके पाँच उप–शिखर और परकोटे में स्थित छह सहायक मंदिरों की शिखर–शृंखला इसे देवलोक–सदृश दिव्य आभा प्रदान करती है।
ध्वजारोहण के समय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ–क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से

मंगल स्वस्ति–गान

भजन

स्तोत्र

रामचरितमानस के चयनित प्रसंग

एवं विभिन्न संत–सम्प्रदायों द्वारा रचित मंगल–गान

सामूहिक रूप से प्रस्तुत किए जाएंगे। इस सांस्कृतिक आयोजन का संयोजन अयोध्या की धरोहर के विद्वान साहित्यकार यतीन्द्र मिश्र के मार्गदर्शन में हो रहा है।

22 महीनों बाद पुनः रामलला के समक्ष प्रधानमंत्री की उपस्थिति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगभग 22 महीने बाद पुनः रामलला के दर्शन करेंगे।
इससे पूर्व

5 अगस्त 2020 को भूमि–पूजन

और 22 जनवरी 2024 को प्राण–प्रतिष्ठा

के दौरान अयोध्या आए थे। महामारी के कठिन समय में भूमि–पूजन के वक्त उन्होंने कहा था—“राम काज कीन्हें बिनु मोहिं कहा विश्राम।”

अयोध्या का पौराणिक–ऐतिहासिक वैभव

अयोध्या का इतिहास अत्यंत व्यापक और बहुस्तरीय है—

रामायण के अनुसार सरयू तट पर स्थित यह दिव्य नगरी वैवस्वत मनु द्वारा बसाई गई

मनु—ब्रह्मा के पौत्र, कश्यप की संतान, और सूर्यवंश के प्रवर्तक

मनु के पुत्र इक्ष्वाकु के वंश से ही आगे चलकर अनेक प्रतापी राजाओं के साथ भगवान श्रीराम का जन्म हुआ

अयोध्या हिंदू धर्म की सप्त–पुरियों में अग्रणी है—
अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, काशी, कांची, अवंतिका, द्वारका

अथर्ववेद अयोध्या को “ईश्वर–निकेतन”, जबकि स्कंद पुराण इसे भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र पर अवस्थित बताता है।

पौराणिक कथा के अनुसार मनु ने ब्रह्माजी से पवित्र नगर स्थापना का वर मांगा था, तब विष्णु भगवान ने दिव्य ‘साकेतधाम’ को चयनित कर दिव्य शिल्पी विश्वकर्मा और महर्षि वशिष्ठ को नगर निर्माण हेतु भेजा। यही साकेत आगे चलकर अवध—साकेत—अयोध्या के रूप में प्रसिद्ध हुआ।

धर्मध्वजा–आरोहण — सनातन चेतना का पुनरुत्थान

आज आयोजित धर्मध्वजा–आरोहण केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि—

भारत की सनातन आत्मा

वैदिक संस्कृति की निरंतरता

रामराज्य के आदर्श

और मर्यादा–पुरुषोत्तम की लोक–परंपरा

का पुनःप्रकाश है।

अयोध्या आज अपने प्राचीन तेज, आध्यात्मिक सामर्थ्य और अनंत वैदिक परंपरा को पुनः उजागर कर रही है—जिसकी प्रतिध्वनि पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ सुनी जा रही है।

Releated Posts

सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष पर पीएम मोदी, बोले—“पूर्वोत्तर भारत की ‘अष्टलक्ष्मी’”

नई दिल्ली/गंगटोक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय सिक्किम दौरे पर राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह में…

ByByAjay Shastri Apr 28, 2026

India Oil Crisis: कच्चे तेल के बाद अब पाम ऑयल संकट, रसोई पर महंगाई की नई आहट

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, ईरान में जारी संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट पर संभावित नाकेबंदी की आशंकाओं के बीच…

ByByAjay Shastri Apr 25, 2026

Bihar News: नेपाल का ‘62 रुपये’ नियम बना मुसीबत, सीमा पर सख्ती से बिहार के बाजारों में हड़कंप

नेपाल सरकार के नए कस्टम नियमों ने बिहार से सटे सीमावर्ती इलाकों में हलचल मचा दी है। अप्रैल…

ByByAjay Shastri Apr 23, 2026

तंबाकू की लत से आर्थिक बर्बादी: छोड़ते ही 2 करोड़ परिवारों को मिल सकती है राहत—रिपोर्ट

भारत में तंबाकू का सेवन सिर्फ स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति के लिए भी गंभीर…

ByByAjay Shastri Apr 22, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top