बिहार में 17 फरवरी से 10वीं बोर्ड परीक्षा चल रही है। सख्त नियमों के कारण परीक्षा केंद्र पर एक-दो मिनट की देरी से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इसी बीच पटना जिले के मसौढ़ी थाना क्षेत्र की 10वीं की छात्रा कोमल कुमारी की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है।

कथित तौर पर छात्रा परीक्षा केंद्र पर कुछ मिनट देरी से पहुंची, जिसके कारण उसे प्रवेश नहीं मिला। आरोप है कि निराश होकर उसने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मामले पर नेता प्रतिपक्ष और राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि “बिहार की बेटियों का काल बनी नीतीश-भाजपा सरकार।” तेजस्वी ने कहा कि कोमल कुमारी अपने माता-पिता की उम्मीद और सुनहरे भविष्य का सपना थी, लेकिन अव्यवस्था और सख्त नियमों के कारण उसे परीक्षा में बैठने का मौका नहीं मिला।

उन्होंने सरकार से मांग की कि मृतक छात्रा के परिजनों को तत्काल मुआवजा दिया जाए और परीक्षा केंद्रों पर कुछ मिनट की देरी होने पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रवेश की अनुमति दी जाए। तेजस्वी ने कहा कि “एक बेटी की जान एक-दो मिनट से कहीं ज्यादा कीमती है।”
घटना के बाद परीक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक जाम और प्रशासनिक सख्ती को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें छात्राएं बंद गेट के बाहर रोती नजर आ रही हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच और विस्तृत बयान का इंतजार है। घटना ने परीक्षा प्रणाली और मानवीय संवेदनशीलता को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है।


















