बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी अब अपने चरम पर पहुंच चुकी है। दूसरे और अंतिम चरण का मतदान कल यानी 11 नवंबर को होना है, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। चुनाव प्रचार थमने के साथ ही नेताओं के तीखे हमले और जुबानी जंग पर फिलहाल विराम लग गया है।
पहले चरण में 6 नवंबर को हुए मतदान में रिकॉर्ड 65.08% वोटिंग हुई थी, जिसमें महिलाओं ने पुरुषों से अधिक भागीदारी दिखाई। महिलाओं का मतदान प्रतिशत 69.04%, जबकि पुरुषों का 61.56% रहा।
अब दूसरे चरण में 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी, जिनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, नवादा, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, कैमूर और रोहतास शामिल हैं। इस चरण में 1,302 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 1,165 पुरुष, 136 महिलाएं, और एक तृतीय लिंग प्रत्याशी शामिल हैं।
राज्यभर में 45,399 मतदान केंद्र बनाए गए हैं — जिनमें 40,073 ग्रामीण और 5,326 शहरी बूथ हैं। इस चरण में 3.70 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
प्रचार के आखिरी दिन रविवार को गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने अभियान को अंतिम रूप दिया।
राहुल गांधी ने सीमांचल के किशनगंज और पूर्णिया में रैलियां कीं और अब तक कुल 15 जनसभाएं की हैं। वहीं अमित शाह ने अब तक 37 सभाएं, राजनाथ सिंह ने औरंगाबाद व कैमूर में जनसभाएं कीं, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 रैलियां और एक रोड शो किया।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पहली बार बिहार में प्रचार किया, जबकि भाजपा के स्टार प्रचारकों में जेपी नड्डा, नितिन गडकरी, योगी आदित्यनाथ, शिवराज सिंह चौहान, हिमंत बिस्व सरमा, मोहन यादव, रवि किशन, मनोज तिवारी, एकनाथ शिंदे और नारा लोकेश शामिल रहे।
अब सबकी निगाहें 11 नवंबर की वोटिंग और 14 नवंबर की मतगणना पर टिकी हैं — यह देखने के लिए कि इस बार सत्ता की चाबी किसके हाथ में जाती है।


















