पटना।
बिहार विधानसभा चुनाव-2025 का माहौल अब सिर्फ़ नारों और वादों तक सीमित नहीं रहा। ज़मीनी हकीकत यह है कि सियासत बुलेट, बॉडीगार्ड और बैलेट — तीनों के बीच झूलती दिख रही है। मोकामा में जनसुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब बाढ़ विधानसभा सीट से हिंसा और धमकी की सनसनीख़ेज़ खबर सामने आई है।
यहाँ राजद उम्मीदवार रणवीर सिंह यादव उर्फ़ लल्लू मुखिया और उनके साथियों पर जेडीयू समर्थकों को जान से मारने, अपहरण और मारपीट का गंभीर आरोप लगा है।
पंडारक थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, जेडीयू कार्यकर्ता करण कुमार ने बताया कि 3 नवंबर की शाम उन्हें जबरन एक गाड़ी में बैठाया गया। गाड़ी में लल्लू मुखिया, उनके भाई रणवीर यादव, जिला परिषद सदस्य रामबाबू और अवधेश यादव समेत कई लोग मौजूद थे।
करण कुमार के मुताबिक़, उनसे दबाव बनाकर कहा गया कि वे राजद का प्रचार करें, लेकिन मना करने पर उन्हें बेरहमी से पीटा गया और “मारे डालेंगे” जैसी धमकी दी गई। किसी तरह जान बचाकर वे थाने पहुँचे और अब भी अपनी सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं।
पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जाँच शुरू करने की पुष्टि की है। वहीं, राजद खेमे की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
बाढ़ की इस घटना ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। उधर, मोकामा भी लगातार सियासी सुर्ख़ियों में है — जहाँ 30 अक्टूबर को हुए टकराव में दुलारचंद यादव की गोली मारकर और कुचलकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह गिरफ्तार होकर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं।
बिहार की राजनीति का यह दौर अब ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहाँ पोस्टर और बैनर से ज़्यादा गोलियों और धमकियों की गूंज सुनाई दे रही है।
जनता के मन में अब यह सवाल गूंज रहा है — “वोट देंगे या ज़िंदगी बचाएँगे?”
















