बिहार की सियासत में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर हलचल तेज हो गई है। रोहतास के डेहरी से दिए गए एक बयान में बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने ऐसा संकेत दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि 10 अप्रैल तक यह साफ हो जाएगा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।
मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें अपना नेता बताया। उन्होंने कहा कि जब बिहार की कमान नीतीश कुमार के हाथ में आई थी, तब राज्य की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण थी। लेकिन उन्होंने अपने अनुभव और दूरदर्शिता से प्रदेश की तस्वीर बदल दी।
तिवारी ने कहा कि आज बिहार की जो छवि बनी है, उसमें नीतीश कुमार का अहम योगदान है और जनता भी इसे स्वीकार कर रही है। उम्र को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने साफ कहा कि उम्र नहीं, बल्कि अनुभव और काबिलियत ही असली पैमाना होता है, और नीतीश कुमार आज भी पूरी ऊर्जा के साथ काम कर रहे हैं।
विपक्ष के परिवारवाद के आरोपों पर पलटवार करते हुए तिवारी ने कहा कि जो लोग खुद अपने परिवार को सत्ता में आगे बढ़ाते रहे हैं, वही अब नैतिकता की बात कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे आरोपों को सियासी ‘मक्कारी’ करार दिया और कहा कि यह जनता को गुमराह करने की कोशिश है।
डेहरी में एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया यह बयान अब बिहार की राजनीति में नई बहस को जन्म दे चुका है। 10 अप्रैल की तारीख को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है, और हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर बिहार की सत्ता की कुर्सी किसके हिस्से में जाएगी।


















