पटना।
बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत कार्यरत रसोईया-सह-सहायक से अतिरिक्त काम कराए जाने के मामलों को गंभीरता से लिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि रसोईया-सह-सहायक से केवल भोजन तैयार करने, बच्चों को भोजन परोसने और बर्तनों की सफाई जैसे कार्य ही कराए जाएँ।

निदेशक विनायक मिश्र (भा.प्र.से.) ने संचिका संख्या म.भो. को-ES-57/2012 अंश-235 के तहत सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यालय में रसोईया-सह-सहायक से मध्याह्न भोजन योजना के अतिरिक्त कोई कार्य कराया गया, तो प्रधानाध्यापक और संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व में, निदेशालय ने पत्रांक 501, दिनांक 19 मार्च 2018 में भी यह स्पष्ट किया था कि रसोईया-सह-सहायक से केवल भोजन संबंधी कार्य ही कराए जाएँ और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। इसके बावजूद, बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना रसोईया संघ के माध्यम से मिली शिकायतों में कई स्कूलों में उन्हें विद्यालय परिसर की सफाई, कमरों में झाड़ू लगाने और शौचालय की सफाई जैसे अतिरिक्त कार्य कराए जाने की जानकारी मिली।

विभाग ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक को स्पष्ट आदेश दें कि रसोईया-सह-सहायक से केवल भोजन संबंधी कार्य ही कराए जाएँ और उनके साथ गरिमापूर्ण और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
शिक्षा विभाग ने कहा है कि रसोईया-सह-सहायक विद्यालय व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और उनकी जिम्मेदारी पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। अतिरिक्त कार्य कराना न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि इससे उनके मनोबल और कार्य-दक्षता पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।



















