बिहार विधान परिषद में गुरुवार को बेगूसराय के हार्डकोर नक्सली दयानंद मालाकार के एनकाउंटर को लेकर तीखी बहस हुई। राजद एमएलसी शशि यादव ने इस मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि राजद की जांच टीम ने पूरे मामले की पड़ताल की है, जिसमें कथित तौर पर कई विसंगतियां सामने आई हैं। उनका आरोप था कि बिहार पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई संदिग्ध प्रतीत होती है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वहीं, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि दयानंद मालाकार एक हार्डकोर नक्सली था, जिसके खिलाफ 21 आपराधिक मामले दर्ज थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराधियों और नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और कानून अपना काम करेगा।

मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने न्यायिक जांच की मांग की, जबकि सरकार ने पुलिस कार्रवाई को सही ठहराया।
इस मुद्दे पर सदन में हंगामा भी हुआ और सियासी पारा चढ़ा रहा। अब इस एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।
















