मुजफ्फरपुर।
जिले के बोचहां थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के थानेदार पर न सिर्फ शराबबंदी कानून की अनदेखी करने का आरोप लगा है, बल्कि अपनी ही पुलिस टीम के साथ दुर्व्यवहार और अपशब्दों का प्रयोग करने का मामला भी सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, थानेदार ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों और जवानों को सरकारी गाड़ी से उतारकर करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलने पर मजबूर कर दिया।
दारोगा प्रमोद पांडेय ने इस संबंध में एसएसपी सुशील कुमार को लिखित शिकायत दी है। शिकायत में बताया गया है कि शुक्रवार सुबह 9:43 बजे थाने में कार्य करते समय डायल 112 के सिपाही राहुल कुमार को सूचना मिली कि शरवानी चक गांव में एक युवक और युवती को कुछ लोग बांधकर मारपीट कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही दारोगा और पुलिसकर्मी तत्काल कार्रवाई के लिए थाने की गाड़ी से मौके पर रवाना हुए। रास्ते में थानाध्यक्ष ने गाड़ी रोककर पूछा कि टीम कहां जा रही है। जब पूरी जानकारी दी गई, तो थानेदार ने दारोगा और पुलिसकर्मियों पर नशे में होने का आरोप लगाते हुए अपशब्द बोले और सभी को गाड़ी से उतार दिया। इसके बाद थानेदार खाली गाड़ी लेकर थाने लौट गए, जबकि दारोगा और जवानों को डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर थाना लौटना पड़ा।
इस घटना के कारण डायल 112 पर मिली शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकी, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा प्रभावित हुई।
दारोगा की शिकायत के बाद एसएसपी ने ग्रामीण एसपी को जांच कर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, थानेदार की अनुशासनहीनता और नशे में होने के आरोप की जांच की जा रही है।
एसएसपी सुशील कुमार ने कहा है कि इस तरह की घटना पूरे पुलिस विभाग की छवि और जनता के विश्वास पर गहरा असर डालती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला अब स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है, क्योंकि पुलिस अधिकारी की अनुशासनहीनता जनता की सुरक्षा और भरोसे पर सीधा असर डालती है।
✍️ संवाददाता – अजय शास्त्री
















