डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजस्थान की राजधानी जयपुर से सटे चौमू इलाके में बीती रात अचानक हिंसा भड़क उठी। बस स्टैंड के पास स्थित एक मस्जिद के बाहर पड़े पत्थरों को हटाने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि हालात बेकाबू हो गए। उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
यह घटना 25 और 26 दिसंबर की दरम्यानी रात करीब 3 बजे की बताई जा रही है। जयपुर पश्चिम के डीसीपी हनुमान प्रसाद मीना ने बताया कि चौमू में स्थित एक कलंदरी मस्जिद के पास अतिक्रमण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन की पहल पर एक पक्ष ने स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लिया था, लेकिन कुछ लोगों द्वारा लोहे के एंगल लगाकर ढांचे को दोबारा स्थायी रूप से स्थापित करने की कोशिश की जा रही थी।
डीसीपी हनुमान प्रसाद मीना के अनुसार, जब पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर अवैध ढांचों को हटा रही थी, तभी कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, “इस घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में स्थिति पूरी तरह शांत है।”
पुलिस के मुताबिक, पथराव की इस घटना में छह पुलिसकर्मियों के सिर में चोट आई है। हालात को काबू में करने के लिए चौमू में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अब तक 10 पत्थरबाजों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन 26 दिसंबर सुबह 7 बजे से 27 दिसंबर सुबह 7 बजे तक चौमू इलाके में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। यह कदम अफवाहों और सोशल मीडिया के जरिए तनाव फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, धार्मिक स्थल के पास सड़क किनारे करीब 45 सालों से पत्थर पड़े हुए थे। प्रशासन ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इन्हें हटाने का काम कर रहा था। इस प्रक्रिया से पहले प्रशासन ने दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से बातचीत की थी और आपसी सहमति के बाद ही पत्थर हटाने का कार्य शुरू किया गया था।
बताया जा रहा है कि पत्थर हटाने का काम लगभग पूरा हो चुका था। इसी दौरान जब वहां रेलिंग लगाने का काम शुरू किया गया, तो कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और विरोध करने लगे। देखते ही देखते यह विरोध हिंसा में बदल गया और इलाके में तनाव फैल गया।
फिलहाल प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं और शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।















