पटना/मोकामा।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो चुका है, लेकिन मोकामा विधानसभा क्षेत्र अब भी पुलिस निगरानी में है। पहले चरण की सबसे हॉट सीट माने जाने वाले मोकामा में चुनावी हिंसा और दुलारचंद यादव की हत्या के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, मोकामा में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। चुनाव आयोग के निर्देश पर पहले चरण के बाद भी केंद्रीय बलों को वहां से नहीं हटाया गया है। पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा के मद्देनज़र ग्रामीण एसपी अपराजिता लोहान को 17 नवंबर तक मोकामा में ही कैंप करने का निर्देश दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि इलाके में कानून-व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस और केंद्रीय बल संयुक्त रूप से गश्त कर रहे हैं।
दुलारचंद यादव हत्याकांड की जांच तेज
30 अक्टूबर को हुई दुलारचंद यादव की गोली लगने और वाहन से कुचलकर हुई मौत के मामले में जांच जारी है। पुलिस ने घटना स्थल पर डीप सर्च मेटल डिटेक्टर की मदद से तलाशी अभियान चलाया है ताकि गोली का खोखा बरामद किया जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि गोली किस हथियार से चली थी और किस बोर की थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई थी कि दुलारचंद के पैर में गोली लगी थी। इस मामले में सीआईडी ने भी जांच शुरू कर दी है और पुलिस अब घटना स्थल पर मौजूद लोगों के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना से पहले और बाद में किन-किन लोगों से बातचीत हुई।
अनंत सिंह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
इस हत्या मामले में चुनाव से पहले ही जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वे बेऊर जेल में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बंद हैं।
मोकामा में अब भी तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। दूसरी ओर, दूसरे चरण के मतदान को लेकर राज्य के अन्य जिलों में सुरक्षा बलों की तैनाती तेज कर दी गई है।
















