Bihar Police: मोतिहारी में एक अजीबो-गरीब लेकिन गंभीर मामला सामने आया है, जहां यौन शोषण के आरोप में फरार युवक अपनी दूसरी शादी रचाने की तैयारी में था। पुलिस ने ऐन वक्त पर दबिश देकर उसकी योजना पर पानी फेर दिया, लेकिन यह कार्रवाई देखते ही देखते बवाल में बदल गई।
मामला मधुबन थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। युवक पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने के आरोप हैं। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसका पता पताही थाना क्षेत्र के बेतावना गांव में चला।
सूचना मिलने के बाद महिला दरोगा नेहा वर्षा के नेतृत्व में पुलिस टीम छापेमारी के लिए पहुंची। बताया जा रहा है कि आरोपी अपने मामा के घर छिपा हुआ था और बारात निकलने ही वाली थी। इसी दौरान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की।
हालांकि, पुलिस की मौजूदगी देखते ही माहौल अचानक बिगड़ गया। आरोपी के परिजन और स्थानीय लोग उग्र हो गए और पुलिस टीम से भिड़ गए। धक्का-मुक्की और हाथापाई में महिला दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए करीब दो दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई। मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने जांच में लापरवाही पाए जाने पर केस की अनुसंधानकर्ता नेहा वर्षा को निलंबित कर दिया।
जांच में यह सामने आया कि छापेमारी के दौरान निर्धारित प्रक्रिया (SOP) का पालन नहीं किया गया। पर्याप्त पुलिस बल, सुरक्षा उपकरण और संबंधित थाना को सूचना दिए बिना ही कार्रवाई की गई थी। एसपी ने इसे गंभीर चूक बताते हुए भविष्य में ऐसी लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। यह मामला एक तरफ आरोपी के दुस्साहस को उजागर करता है, तो दूसरी ओर पुलिस कार्रवाई में बरती गई चूक पर भी सवाल खड़े करता है। अब सभी की नजर इस पर है कि आगे जांच में क्या नए खुलासे होते हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।














