पटना में डिजिटल फरेब और सड़कछाप दुस्साहस के दो मामलों ने कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है।
AI से तैयार आपत्तिजनक तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल
24 वर्षीय युवती ने महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आरोप लगाया है कि एक युवक ने एआई तकनीक से तैयार की गई आपत्तिजनक तस्वीरें भेजकर उसे ब्लैकमेल किया, बदनामी की साजिश रची और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता के अनुसार, इससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुंची है और शादी में भी रुकावट आ रही है।
आवेदन में कहा गया है कि आरोपी जक्कनपुर के नवरतनपुर इलाके में किराये के मकान में रहता है। युवती का भाई IIT गुवाहाटी में पढ़ाई कर रहा है, जिसकी जानकारी आरोपी को थी। आरोप है कि घर में वयस्क पुरुष सदस्य नहीं होने का फायदा उठाकर वह गलत नीयत से घर आने-जाने लगा। विरोध करने पर जबरन घर में घुसना, गाली-गलौज और उठा ले जाने की धमकी देना उसके तौर-तरीके बन गए।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल कर धमकाता था और रिश्तेदारों को फोन कर दहशत फैलाता था। युवती का दावा है कि एआई से बनाई गई तस्वीरें और वीडियो उसके पास सबूत के तौर पर मौजूद हैं। लगातार प्रताड़ना से वह और उसकी मां मानसिक तनाव में हैं।
कदमकुआं में छात्रा से छेड़खानी, आरोपी गिरफ्तार
दूसरी घटना कदमकुआं इलाके की है, जहां छात्रा से छेड़खानी के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान महेशखुंट निवासी सुजीत कुमार के रूप में हुई है।
थानेदार के मुताबिक, छात्रा हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती है, जबकि आरोपी भी परीक्षा की तैयारी के लिए पटना में रह रहा था। कई दिनों तक पीछा करने के बाद उसने रास्ता रोककर छेड़खानी की और फरार हो गया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने केस दर्ज कर मुसल्लहपुर इलाके से उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
दोनों घटनाएं यह संकेत देती हैं कि अपराध अब सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी तेजी से पनप रहा है। एआई तकनीक का दुरुपयोग और महिलाओं के खिलाफ बढ़ता दुस्साहस सख्त कानूनी कार्रवाई और जागरूकता की मांग करता है।
















