मनेर सोनार गोली कांड से दहशत, व्यापारियों ने दुकानें बंद कर थाने का किया घेराव
पटना/मनेर।
राजधानी पटना में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे कानून को खुली चुनौती देते हुए थाने के बेहद करीब खूनी वारदात को अंजाम दे रहे हैं। शुक्रवार की शाम मनेर थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज सोनार गोली कांड ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया। बाइक सवार तीन बदमाशों ने ज्वेलरी व्यवसायी संजय कुमार सोनी को घेरकर गोली मार दी और उनके गले से सोने की चेन लूट कर फरार हो गए।
इस घटना के बाद मनेर के ज्वैलर्स और व्यापारी समुदाय में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। नाराज व्यापारियों ने सामूहिक रूप से अपनी दुकानें बंद कर दीं और मनेर थाना का घेराव कर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों का कहना है कि जब थाने के पास ही अपराधी बेखौफ होकर गोलियां चला रहे हैं, तो बाजार और आम नागरिकों की सुरक्षा कौन करेगा।
घर लौटते समय बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार रसूलपुर निवासी ज्वेलरी व्यवसायी संजय कुमार सोनी शुक्रवार की शाम अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। जैसे ही वह मनेर थाना क्षेत्र में, थाने से महज एक किलोमीटर की दूरी पर पहुंचे, पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन्हें निशाना बना लिया। लूटपाट के दौरान बदमाशों ने दनादन गोलियां चलाईं। गोली लगते ही संजय सोनी सड़क पर गिर पड़े, जबकि अपराधी बेखौफ अंदाज में वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस की मौजूदगी पर भी सवाल
हैरानी की बात यह रही कि घटना स्थल के आसपास पुलिस की मौजूदगी के बावजूद बदमाशों को रोकने वाला कोई नहीं था। इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की गश्ती व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
घटना का पूरा घटनाक्रम पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह अपराधी संजय सोनी को गोली मारते हैं और फिर लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
PMCH रेफर, हालत नाजुक
गोली लगने से गंभीर रूप से घायल संजय सोनी को लहूलुहान हालत में पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताते हुए उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) रेफर कर दिया। फिलहाल उनका इलाज जारी है।
पुलिस का दावा, व्यापारियों का सवाल
पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। हालांकि, व्यापारियों और स्थानीय लोगों का सवाल है कि क्या इस वारदात के बाद अपराधियों के हौसलों पर लगाम लग पाएगी या फिर मनेर और आसपास का इलाका यूं ही दहशत के साये में जीता रहेगा।
















