• Home
  • Crime
  • सहरसा में अतिक्रमण हटाने गई प्रशासनिक टीम पर हमला
Image

सहरसा में अतिक्रमण हटाने गई प्रशासनिक टीम पर हमला

ग्रामीणों के उग्र विरोध के बाद पुलिस-प्रशासन को जान बचाकर भागना पड़ा, वीडियो वायरल

सहरसा जिले के सोनवर्षा प्रखंड अंतर्गत मंगवार पंचायत में पावर सबस्टेशन के लिए चिन्हित सरकारी जमीन को खाली कराने पहुंची अंचल प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम को ग्रामीणों के उग्र विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि प्रशासनिक टीम को अपनी जान बचाने के लिए मौके से पीछे हटना पड़ा। इस दौरान कई सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, अंचल प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ जेसीबी मशीन लेकर सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। जैसे ही जेसीबी से कार्रवाई शुरू की गई, वैसे ही स्थानीय ग्रामीण आक्रोशित हो गए और देखते ही देखते विरोध हिंसक हो उठा। ग्रामीणों ने प्रशासनिक टीम पर हमला बोल दिया और मौके पर अफरातफरी मच गई।

उग्र ग्रामीणों ने सरकारी गाड़ियों को निशाना बनाते हुए उन्हें तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया। हालात इतने बेकाबू हो गए कि अंचल प्रशासन और पुलिस कर्मियों को वहां से भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। पूरी घटना का वीडियो किसी ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि प्रशासनिक और पुलिसकर्मी भय के माहौल में भागते नजर आ रहे हैं।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पावर सबस्टेशन के लिए चिन्हित इस सरकारी जमीन को लेकर पहले भी ग्रामीणों और प्रशासन के बीच विवाद हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना समुचित सूचना और सहमति के कार्रवाई की जा रही थी, जबकि प्रशासन का कहना है कि जमीन पूरी तरह सरकारी है और बिजली परियोजना के लिए अतिक्रमण हटाना आवश्यक है।

घटना की पुष्टि करते हुए सहरसा पुलिस ने बताया कि वायरल वीडियो और घटनास्थल की जांच की जा रही है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालना और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध है।

वहीं जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पावर सबस्टेशन जैसी महत्वपूर्ण परियोजना के लिए सरकारी जमीन को खाली कराना अनिवार्य है। भविष्य में इस तरह की कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था तैनात की जाएगी, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

इस घटना ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। साफ तौर पर यह मामला दर्शाता है कि अतिक्रमण हटाने और ग्रामीण आंदोलनों से जुड़े मामलों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर हालात बेकाबू हो सकते हैं। प्रशासन को आगे की कार्रवाई में पूरी सतर्कता और रणनीति के साथ कदम उठाने की जरूरत है।

Releated Posts

NH-31 पर अवैध हथियार के साथ दो गिरफ्तार, 4 पिस्टल और मैग्जीन बरामद

बेगूसराय। DIU, बेगूसराय से मिली गुप्त सूचना के आधार पर Bihar Police की लोहियानगर थाना पुलिस टीम एवं…

ByByAjay Shastri Feb 20, 2026

पटना में AI ब्लैकमेलिंग और छेड़खानी के दो मामले, कानून-व्यवस्था पर सवाल

पटना में डिजिटल फरेब और सड़कछाप दुस्साहस के दो मामलों ने कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है। AI से…

ByByAjay Shastri Feb 20, 2026

किशनगंज में DPO (ICDS) 50 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को…

ByByAjay Shastri Feb 20, 2026

भोजपुर में जमीन कारोबारी की संदिग्ध मौत से सनसनी

भोजपुर जिले के उदवंत नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत उदवंत नगर गांव में एक जमीन कारोबारी की संदिग्ध परिस्थितियों…

ByByAjay Shastri Feb 20, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top