• Home
  • Bihar
  • तेजस्वी का भरोसेमंद रमीज—NSA, गैंगस्टर एक्ट और हत्या के मामलों में घिरा
Image

तेजस्वी का भरोसेमंद रमीज—NSA, गैंगस्टर एक्ट और हत्या के मामलों में घिरा

बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की करारी हार के बाद लालू-यादव परिवार में मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। सबसे बड़ी चर्चा रोहिणी आचार्य के उस कथित सोशल मीडिया पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि संजय यादव और रमीज नेमत खान के कहने पर वह राजनीति छोड़ रही हैं और परिवार से नाता तोड़ रही हैं। यह दावा राजनीतिक गलियारों में गर्म बहस का विषय बन चुका है और राजद की अंदरूनी राजनीति को लेकर कई तरह की अटकलों को हवा दे रहा है।

तेजस्वी के करीबी रमीज नेमत खान फिर सुर्खियों में

इस विवाद का केंद्र तेजस्वी यादव के नजदीकी सहयोगी रमीज नेमत खान हैं, जिनका पुराना आपराधिक इतिहास एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

हत्या का आरोप और लंबी मुकदमेबाजी

रमीज नेमत खान पर 4 जनवरी 2022 को बलरामपुर (उत्तर प्रदेश) के पूर्व चेयरमैन फिरोज पप्पू की हत्या की साजिश में शामिल होने का गंभीर आरोप लगा था। इस मामले में उन्हें उनके ससुर, पूर्व सांसद रिजवान जहीर, और पत्नी जेबा रिजवान के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। मामले की सुनवाई भी पूरी हो चुकी है और अदालत ने फैसले की तारीख तक तय कर दी थी।

रमीज पर केवल हत्या का ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हुई है, जो इसे सामान्य आपराधिक मामले से कहीं अधिक गंभीर बनाता है।

अन्य आपराधिक मामले और विवाद

कौशांबी में एक ठेकेदार की हत्या के मामले में भी रमीज नेमत खान आरोपी के रूप में नामजद हैं। इसके अलावा, उन पर करोड़ों की जमीन फर्जी तरीके से अपने नाम करवाने और बाद में उसके कुर्क होने तक का विवाद सामने आ चुका है।

राजनीतिक जुड़ाव और तेजस्वी यादव से नज़दीकी

रमीज नेमत खान 2016 से राजद से जुड़े हैं और लंबे समय से तेजस्वी यादव के कार्यालय और संगठनात्मक कामकाज में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। बताया जाता है कि वे तेजस्वी की दैनिक गतिविधियों और चुनावी रणनीतियों में गहराई से जुड़े थे। यही वजह है कि रोहिणी आचार्य के आरोप सीधे-सीधे तेजस्वी यादव की आंतरिक टीम पर निशाना साधते प्रतीत हो रहे हैं।

परिवार और पार्टी—दोनों स्तरों पर मुश्किलें

रोहिणी आचार्य का कथित आरोप कि उन्हें परिवार से दूर होने और राजनीति छोड़ने को कहा गया, लालू परिवार के भीतर असंतोष और अविश्वास की गहराई को स्पष्ट करता है। यदि ये दावे सच साबित होते हैं, तो यह न केवल परिवार की एकजुटता को प्रभावित करेगा, बल्कि तेजस्वी यादव की नेतृत्व क्षमता और उनकी सलाहकार टीम की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा।

सियासी परिप्रेक्ष्य में बड़ा असर

राजद की चुनावी हार, परिवार में बढ़ती खींचतान और तेजस्वी के करीबी सहयोगियों पर ऐसे गंभीर आरोप—ये सभी तत्व मिलकर बिहार की राजनीति में एक नए भूचाल का संकेत दे रहे हैं। रमीज नेमत खान का विवादास्पद अतीत इस संकट को और गहरा कर सकता है।

फिलहाल, रोहिणी आचार्य के वायरल बयान की पुष्टि आधिकारिक तौर पर नहीं हुई है। लेकिन इस कथित पोस्ट ने इतना जरूर साफ कर दिया है कि लालू-परिवार और राजद दोनों के भीतर असंतोष का ज्वार अब सतह पर आने लगा है।

Releated Posts

बिहार पुलिस शर्मसार: गंजी में गश्त करते ASI का वीडियो वायरल, SP ने किया सस्पेंड

Bihar Police: बिहार पुलिस को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है, जिसने विभागीय अनुशासन पर…

ByByAjay Shastri Apr 21, 2026

पटना में जेडीयू की बड़ी बैठक: नीतीश कुमार को नया नेता चुनने का अधिकार, संगठन पर रहेगा फोकस

पटना में आयोजित जनता दल (यूनाइटेड) विधायक दल की अहम बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार…

ByByAjay Shastri Apr 20, 2026

Bihar News: आरा में भोजपुरी इंडस्ट्री में बड़ा विवाद गायक ने गीतकार पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप

आरा से भोजपुरी इंडस्ट्री से जुड़ा एक विवाद सामने आया है, जिसमें एक उभरते गायक ने अपने ही…

ByByAjay Shastri Apr 20, 2026

Census 2027: बिहार में जनगणना का डिजिटल मॉडल शुरू अब नागरिक खुद भर सकेंगे अपना डेटा

बिहार में प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक और हाईटेक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है।…

ByByAjay Shastri Apr 20, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top