पटना के एनएमसीएच में रविवार को स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही फिर उजागर हुई, जब 70 वर्षीय महिला मरीज को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए अस्पताल की एंबुलेंस के बजाय भाड़े के टेंपो से भेजा गया। और इससे भी चिंताजनक बात यह रही कि मरीज के साथ जो ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया गया था, वह पूरी तरह खाली निकला।
राघोपुर के पहाड़पुर निवासी 70 वर्षीया कांति देवी पिछले तीन दिनों से एनएमसीएच के टीबी एंड चेस्ट विभाग में भर्ती हैं। उनकी हालत को देखते हुए उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ले जाया जा रहा था। उनके साथ मौजूद पुत्री सरिता देवी और बहू ऋधिकुमारी ने बताया कि अस्पताल ने एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई, जिसके कारण उन्हें मजबूरी में टेंपो का सहारा लेना पड़ा।
परिवार के अनुसार, पूरा रास्ता तय करने के दौरान कांति देवी को एक घंटे तक सांस लेने में कठिनाई होती रही, क्योंकि ऑक्सीजन सिलेंडर बिल्कुल खाली था। वार्ड में लौटने के बाद ही उन्हें ऑक्सीजन उपलब्ध कराया गया।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि मरीज की जान जोखिम में डालकर अस्पताल ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। मरीज की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है लेकिन परिजनों में रोष व्याप्त है।


















